नई दिल्ली से बड़ी खबर—2024 आधारित नई सीपीआई सीरीज शुरू। मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन ने इसे गरीबी मापन और नीति निर्माण के लिए क्रांतिकारी बताया। यह बदलाव खपत के वास्तविक ढांचे को प्रतिबिंबित करता है।
लोग अब खान-पान पर कम, जबकि शिक्षा, चिकित्सा, परिवहन व डिजिटल सेवाओं पर ज्यादा पैसा लगा रहे हैं। नागेश्वरन ने कहा, यह बढ़ती कमाई व कार्यक्षमता को दर्शाता है।
सटीक आंकड़ों से नीति निर्माताओं को मांग-आपूर्ति का बेहतर अंदाजा मिलेगा। जनवरी महंगाई नई सीरीज में 2.75 प्रतिशत, ग्रामीण 2.73 व शहरी 2.77 प्रतिशत। खाद्य महंगाई 2.1 प्रतिशत पर पहुंची।
भोजन का भार कम करने से महंगाई स्थिर रहेगी, डीए व खर्च अनुमानित होंगे। बजटीय योजना आसान होगी।
मंत्रालय ने 12 समूहों वाली सीरीज जारी की, जिसमें 358 आइटम (308 वस्तुएं, 50 सेवाएं)। एचसीईएस 2023-24 के आधार पर अपडेट। सेवाओं का महत्व बढ़ा।
सचिव सौरभ गर्ग ने पांच वर्षीय अपडेट चक्र की घोषणा की। 2027-28 में अगला सर्वे। नागेश्वरन का मानना है, इससे आर्थिक निर्णय मजबूत होंगे।