बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान ने दावा किया है कि उनकी पार्टी संसदीय चुनाव में ‘ऐतिहासिक सफलता’ हासिल करने जा रही है। यह बयान शुक्रवार को स्थानीय समाचार पत्रों में प्रमुखता से छपा, जो राजनीतिक परिदृश्य में उथल-पुथल की आशंका पैदा कर रहा है।
वरिष्ठ नेता रूहुल कबीर रिजवी ने जनता को जीत की बधाई देते हुए कहा कि बहुमत सीटें मिलना पार्टी के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
चुनाव गुरुवार को संपन्न हुआ और प्रारंभिक गणना से बीएनपी को देश के अधिकांश क्षेत्रों में बढ़त मिलती नजर आ रही है। आधे से ज्यादा सीटें पार्टी के पक्ष में जाते दिख रही हैं।
मगर यह जीत विवादों से घिरी हुई है। मतगणना से पहले ही धांधली, रिश्वतखोरी और हिंसक झड़पों की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। 13वें संसदीय चुनाव में कई जगहों पर व्यवस्था फेल साबित हुई।
मिर्जापुर के गोराई यूनियन में जमात नेता ज़ैनल अबेदीन को वोट खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। मजिस्ट्रेट तारेक अज़ीज़ ने 3,000 टका का दंड ठोका।
मतदान स्थलों पर हिंसा चरम पर पहुंची, जिसमें एक नेता की जान चली गई। भोर से शुरू हुए हंगामे सुरक्षा चूक को रेखांकित करते हैं।
बीएनपी का दबदबा स्थापित होता दिख रहा है, लेकिन अनियमितताओं ने चुनाव की विश्वसनीयता पर दाग लगा दिया है। बांग्लादेश को अब मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा में कदम उठाने होंगे।