भाजपा के वरिष्ठ नेता आरपी सिंह ने बांग्लादेश चुनाव पर नजरें टिकाते हुए कहा कि नई सरकार हिंदुओं पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेगी। नई दिल्ली में उन्होंने उम्मीद जताई कि मतदान निष्पक्ष रहा होगा, मगर अल्पसंख्यक हिंदुओं को अब सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम चाहिए।
हिंदू समुदाय वहां लगातार निशाने पर है- घर जलाए जा रहे, मंदिर तोड़े जा रहे। सिंह ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की असली परीक्षा तो minority protection में है।
जनरल नरवणे की किताब को लेकर सिंह ने नियम तोड़े जाने पर चिंता जताई। ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट साफ कहता है- डिफेंस मिनिस्ट्री की मंजूरी जरूरी। बिना अप्रूवल, प्रकाशक के इंकार और लीक का राजनीतिक इस्तेमाल अपराध है। जांच में सख्ती अपेक्षित।
‘वंदे मातरम’ पर जमीयत के मदनी के विरोध को सिंह ने कांग्रेस प्रायोजित बताया। मदनी ने इसे जबरन थोपे जाने और संविधान-विरोधी करार दिया, सोशल मीडिया पर अल्पसंख्यक अधिकार छीनने की कोशिश कहा। सिंह ने पलटवार किया- तुर्की में भी राष्ट्रगान गाया जाता है, ये तो महज विवाद खड़ा करने की चाल।
सिंह के ये विचार भारत की एकजुटता और बाहरी हिंदुओं के हितों को मजबूत करते हैं।