एआईएमआईएम के वरिष्ठ नेता वारिस पठान ने वंदे मातरम गाने की बाध्यता पर सवाल उठाते हुए कहा कि देशभक्ति को जबरन थोपा नहीं जा सकता। मुंबई में उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर राय रखी।
पठान ने कहा कि गीत का आदर है, लेकिन मजबूरी गलत। संविधान धार्मिक अधिकार सुनिश्चित करता है। कुछ पंक्तियां मुस्लिम भावनाओं के विरुद्ध हैं। राष्ट्रगान पर खड़े होना स्वाभाविक है, लेकिन असहमति पर देशद्रोही कहना गलत। भाजपा नफरत की राजनीति कर रही है।
यूएन की लाल किला ब्लास्ट रिपोर्ट पर सहमति जताते हुए पठान ने पाकिस्तान को आतंक का पोषक बताया। पहलगाम, पुलवामा जैसे हादसों के बाद क्रिकेट मैच अनुचित। भारत को स्पष्ट मना करना चाहिए।
मुंबई महापौर के घुसपैठिए बयान को नफरत बताया। शहर की समस्याएं हल करें, डेटा रहित आरोप न लगाएं। लातूर हिंसा भाजपा बयानों का नतीजा। नफरत फैलाने वालों पर कार्रवाई हो। पठान ने एकता की अपील की।