मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश में चल रहे निर्माण कार्यों पर सख्ती दिखाते हुए गुणवत्ता को प्राथमिकता दी है। भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित क्षमता संवर्धन कार्यशाला में उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास की दौड़ में गुण से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। मध्यप्रदेश भवन विकास निगम द्वारा लोक निर्माण विभाग के तहत कार्यक्रम में सभी को पूरे जोश से जुटने का निर्देश दिया।
‘निर्माण केवल सामग्री जोड़ना नहीं, बल्कि एक नवीन कला है,’ यादव ने कहा। समय के साथ बदलती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लंबी अवधि की योजनाएं बनानी होंगी, जिसमें गुणवत्ता और सहमति आधारित दृष्टिकोण अनिवार्य है। प्रदेशवासियों के लिए बेहतर भविष्य गढ़ने हेतु सबकी पूरी क्षमता का उपयोग आवश्यक है।
कौशल विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पुरानी कार्यप्रणाली छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाना होगा। कार्यशालाएं इंजीनियरों के हौसले बुलंद करती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पीएम गतिशक्ति से प्रेरित होकर विभाग ने सांदीपनि विद्यालय सहित बड़े इंफ्रा प्रोजेक्ट्स को अंजाम दिया है। सड़क, पुलिया, स्टेडियम जैसे कार्यों में चुनौतियों के बावजूद सफलता हासिल की।
मंत्री राकेश सिंह ने इसे विभाग की प्रगति का चिह्न बताया। कार्यक्रम में ट्रेनिंग कैलेंडर, प्रोजेक्ट गाइड जारी कर पीएमएस पोर्टल 2.0 पेश किया गया। नई दिल्ली के सीआरआरआई-आईएएचई, हैदराबाद के ईएससीआई, आईआईटी मुंबई व भोपाल के एसपीए से एमओयू हुए। इससे राज्य का विकास नई ऊंचाइयों को छुएगा।