त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट के परिसर और आसपास शुक्रवार से 30 दिनों तक किसी भी प्रकार के आंदोलन पर काठमांडू प्रशासन ने पाबंदी ठोक दी है। पांच से ज्यादा लोगों की सभाओं पर रोक लगाने का यह आदेश हवाई अड्डे पर आ रही प्रदर्शन की धमकियों के जवाब में आया है।
जारी निर्देश में भूख हड़तालें, सत्याग्रह, नाकेबंदी, मार्च, विरोध सभाओं और जमा-घसमें पर साफ मनाई है। प्रभावित क्षेत्र में एयरपोर्ट का हर कोना शामिल है—प्रवेश मार्ग, घरेलू-विदेशी टर्मिनल, पार्किंग स्पेस और सीमावर्ती रास्ते।
कारण साफ है: यह संवेदनशील स्थल है जहां हलचल हिंसा, लूटपाट, आगजनी और अराजकता का सबब बन सकती है। नतीजा—उड़ान सेवाएं चपेट में, सार्वजनिक ढांचा खतरे में और शांति भंग।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि संवैधानिक अधिकार जैसे बोलने की आजादी, निहत्थे जमावड़े और असहमति जताने का हक बरकरार रहेगा, बस प्रतिबंध क्षेत्र से इतर। दूसरे स्थानों पर कार्यक्रमों के लिए पहले सूचना जरूरी, वरना नुकसान की भराई आयोजकों पर।
नेपाल के इस सतर्क कदम से विमानन सेवाओं की रक्षा सुनिश्चित होगी, खासकर जब विभिन्न मुद्दों पर तनाव हवा में है। यात्री सतर्क रहें।