बांग्लादेश के चुनावों में हिंसा ने कलह मचा दिया। एक नेता की हत्या और बमबारी जैसी घटनाओं के बीच भारत ने कहा कि वह नतीजों का इंतजार करेगा।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी रणधीर जायसवाल ने बताया, ‘भारत स्वतंत्र चुनाव चाहता है। जनादेश देखने के बाद ही मुद्दों पर बात होगी।’ पर्यवेक्षक भेजने से इनकार कर भारत ने अपनी रणनीति साफ की।
खुलना के आलिया मदरसे पर बीएनपी के मोहिबुज्जमां कोच्चि की मौत ने सबको स्तब्ध कर दिया। जमात समर्थकों से झड़प में उन्हें धक्का मिला और सिर पर चोट लगी।
यूसुफ हारुन ने कहा कि प्रिंसिपल जमात प्रचार कर रहे थे। पुलिस पहुंची, लेकिन कोच्चि बच न सके। गोपालगंज में बम धमाके से तीन घायल।
ये हादसे लोकतंत्र की परीक्षा ले रहे हैं। भारत की नजर जनादेश पर टिकी है, जो भविष्य की दिशा तय करेगा। स्थानीय अखबारों ने सुरक्षा चूक पर सवाल उठाए हैं।
चुनाव परिणाम जल्द आने वाले हैं। भारत पड़ोसी देश के साथ संबंधों को मजबूत रखने के इरादे से सतर्क है।