रोल्स-रॉयस भारत को रक्षा व एविएशन का बड़ा केंद्र बनाने को तैयार है। गुरुवार को घोषणा की गई कि कंपनी रक्षा, एविएशन व ऊर्जा में विस्तार करेगी, कर्मचारियों को 10,000 तक ले जाएगी।
अगली जनरेशन फाइटर जेट इंजन के सह-विकास पर नजर। 120 kN इंजन के लिए पूर्ण तकनीकी हस्तांतरण व आईपी अधिकार भारत को मिलेंगे। सेना, नौसेना व कोस्ट गार्ड के इंजन भारत में ही बनेंगे।
डिजाइन व फैक्ट्री सुविधाएं स्थापित होंगी, सप्लाई चेन खरीद 10 गुना बढ़ेगी। छोटे-मध्यम उद्योगों को बूस्ट मिलेगा।
सीईओ तुफान एरगिनबिलगिक बोले, ‘आत्मनिर्भर भारत में हम इंजन विकास, बुनियादी ढांचे ऊर्जा व मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाएंगे। अपना वैश्विक नेटवर्क यहां मजबूत करेंगे।’
भारत में 1400+ इंजन सक्रिय हैं- वायुसेना के जगुआर-हॉक, सेना का अर्जुन, नौसेना के जहाज-पनडुब्बी। पीएम मोदी ने सीईओ से बातचीत में युवाओं संग साझेदारी का समर्थन किया।
यह कदम भारत की सैन्य क्षमता को सशक्त बनाएगा, आर्थिक विकास को गति देगा।