लोकसभा में जोरदार बहस के दौरान विपक्ष ने सरकार को घेर लिया। कथित ट्रेड समझौते, लेबर कोड और विशेषाधिकार मुद्दे पर हंगामा मच गया। सत्ताधारी पक्ष के जवाबी कदमों से माहौल और गरमाया।
डिंपल यादव ने भाजपा नीतियों पर प्रहार किया, कहा कि शून्य शुल्क से किसान बर्बाद हो जाएंगे। राहुल गांधी पर नोटिस को उन्होंने ध्यान भटकाने वाला बताया। प्रियंका गांधी ने घटना का ब्यौरा दिया, कहा बस शांति बनाए रखने की कोशिश की।
रंजीत रंजन ने सरकार के 11 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाए, डेटा व सुरक्षा पर चिंता जताई। राजीव शुक्ला ने पूर्व पीएम के योगदान की याद दिलाई। राजीव राय ने लेबर कोड को मजदूर-विरोधी ठहराया।
प्रियंका चतुर्वेदी ने विकसित भारत के दावों पर तंज कसा। राम गोपाल यादव ने हड़तालों का साथ दिया, योजनाओं को जनविरोधी कहा। संसद में यह टकराव नीतिगत मतभेदों को उजागर करता है।