भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को बॉम्बे हाईकोर्ट ने कड़ा संदेश दिया है। चीफ जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने स्पष्ट किया कि देश छोड़कर अदालत से भागने वाले को कोई छूट नहीं मिलेगी। हालांकि कोर्ट ने अंतिम बार मौका दिया कि माल्या अपना भारत लौटने का पक्ष स्पष्ट करें।
माल्या ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी कानून 2018 और अपनी भगोड़ा टैगिंग को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट ने टिप्पणी की, ‘भारत वापस आएं। न आएं तो सुनवाई नहीं। प्रक्रिया से बचना बंद करें। निष्पक्षता से एक मौका और।’ मामला अगले हफ्ते के लिए टाला।
सरकार ने आर्थिक फरारियों पर शिकंजा कसा है। MEA के रणधीर जायसवाल ने माल्या-मोदी को लाने के प्रयासों का जिक्र किया। संसद में खुलासा हुआ कि 15 भगोड़ों पर 26,645 करोड़ धोखाधड़ी, ब्याजसह 31,437 करोड़ बकाया, 19,187 करोड़ रिकवर।
माल्या आरोपों से इंकार करते हुए वसूली के अलग-अलग आंकड़ों पर सवाल उठा चुके, जांच के लिए रिटायर्ड जज की मांग की।
यह घटना बताती है कि भारत अब भगोड़ों को बख्शेगा नहीं। माल्या की वापसी से किंगफिशर घोटाले में नया मोड़ आ सकता है, वरना कानूनी संकट गहराएगा।