विदेश मंत्रालय ने सुरक्षित और व्यवस्थित प्रवासन को बढ़ावा देने वाली राष्ट्रीय परामर्श बैठक आयोजित की। IOM व ICWA के समर्थन से नई दिल्ली में 9 फरवरी को हुई यह चर्चा 2026 के IMRF के लिए भारत का महत्वपूर्ण कदम है।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उद्घाटन में श्रीप्रिया रंगनाथन, स्टीफन प्रीसनर, प्रशांत पिसे और संजय अवस्थी जैसे वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह संयुक्त प्रयास प्रवासन नीतियों को मजबूत करने का प्रतीक है।
विभिन्न मंत्रालयों, अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों, शिक्षाविदों, गैर सरकारी संगठनों व उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारत के प्रवासन प्रयासों, सफलताओं व आने वाली चुनौतियों पर विस्तृत बातचीत हुई।
चर्चा के केंद्र में रहे तीन आयाम: सुरक्षित स्वैच्छिक प्रवासन को प्रोत्साहन, प्रवासियों की सुरक्षा व एकीकरण पर फोकस तथा साक्ष्य-आधारित अंतरराष्ट्रीय सहयोग।
GCM के अनुरूप भारत की उपलब्धियां रहीं सुर्खियां- निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया, कानूनी चैनलों का विस्तार, शिकायत निवारण, वापसी पर कौशल विकास, डायस्पोरा सहभागिता व आंकड़ों पर नीतियां। 2018 से GCM सदस्य भारत ने 2022 IMRF में भी योगदान दिया।
प्रयास रिपोर्ट का लोकार्पण युवाओं के विदेशी सफर को सुरक्षित बनाने पर जोर देता है। यह बैठक भारत की वैश्विक जिम्मेदारी को साकार करती है।