प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2026-27 को गेमचेंजर करार दिया है। लोकसभा में पेश इस बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एमएसएमई, स्किलिंग, बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा को मजबूत बनाने पर फोकस किया।
एक्स पर पोस्ट में पीएम ने कहा कि यह बजट रिफॉर्म्स, लघु उद्योगों के उत्थान, युवा कौशल विकास और भविष्योन्मुखी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
एमएसएमई क्षेत्र, जो जीडीपी में 30 फीसदी का योगदान और 11 करोड़ नौकरियां देता है, के लिए विशेष पैकेज है। सस्ता कर्ज, कम नियम और वैश्विक सप्लाई चेन से जुड़ाव के प्रोत्साहन दिए जाएंगे।
रोजगार के लिए स्किल प्रोग्राम्स में हरित ऊर्जा, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल स्किल्स पर जोर। उद्योगों के साथ संस्थानों का तालमेल बनेगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर को नई गति मिलेगी- डिजिटल हाईवे, रिन्यूएबल एनर्जी कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स पार्क और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स से।
स्वास्थ्य व शिक्षा में बढ़ते बजट से ग्रामीण व दूरदराज इलाकों का कायापलट होगा। आर्थिक जानकारों ने इसे वैश्विक मंदी के दौर में भारत की मजबूत रणनीति बताया।