पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पुणे में बंगाल के प्रवासी युवक की हत्या पर तीखा प्रहार किया है। इसे उन्होंने नफरत भरा अपराध बताते हुए चेतावनी दी कि बाहरी लोगों के प्रति विदेशी घृणा को घातक हथियार बनाया जा रहा है।
24 साल के सुखेन महतो का पुरुलिया के बंडवान से पुणे आना रोजगार के लिए था, लेकिन भाषा के कारण उसकी जान चली गई। ममता ने एक्स पर वीडियो पोस्ट कर भावुक अपील की, ‘अत्यंत दुखी, गुस्से से भरी और घायल हूं। महाराष्ट्र के पुणे में सुखेन का क्रूर अंत हो गया।’
‘यह खुला हेट क्राइम है। भाषा, संस्कृति और मिट्टी की वजह से उसे कोसा, पीटा और खून कर दिया। यह नस्लीय भेदभाव का जहर फैलाने का नतीजा है,’ ममता ने कहा। दोषियों को सजा दिलाने के लिए उन्होंने केंद्रीय हस्तक्षेप की मांग उठाई।
ममता ने साफ कहा, ‘अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी हो और सबसे सख्त सजा मिले।’ परिवार को दिलासा देते हुए बोलीं, ‘बंगाल का हर कोना आपके दर्द में शरीक है। न्याय पक्का होगा।’
ममता का यह रुख पुराना है। वे बार-बार दूसरे राज्यों में बंगाली मजदूरों पर अत्याचार के खिलाफ केंद्र को कटघरे में खींचती आई हैं।
पुणे के सनतबाड़ी में कार कंपनी में 2021 से नौकरी कर रहे सुखेन का शव कोरेगांव भीमा के पास बुधवार मिला। बंगाली बोलने पर मारपीट की आशंका है। भाई तुलसीराम की शिकायत पर मुकदमा दर्ज।
प्रवासी जीवन की कठिनाइयों के बीच यह घटना चिंता बढ़ाती है। ममता की मुखरता से मामला सुर्खियों में है और न्याय की राह आसान हो सकती है।