भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। एसबीआई की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अधिशेष 90 अरब डॉलर से अधिक पहुंच सकता है। अमेरिका-बांग्लादेश करार इसकी राह में बाधा नहीं बनेगा।
इससे सालाना 45 अरब डॉलर का फायदा, जीडीपी का 1.1 फीसदी, और 3 अरब डॉलर की फॉरेक्स बचत का अनुमान।
यूरोप-ब्रिटेन डील्स के बाद यह तीसरा बड़ा कदम भारत को निर्यात में मजबूत बनाता है। संवेदनशील क्षेत्र सुरक्षित रहेंगे।
डॉ. सौम्य कांति घोष का कहना है कि टॉप 15 प्रोडक्ट्स का निर्यात 97 अरब डॉलर, कुल 100 अरब+। अमेरिकी आयात 50 अरब से ज्यादा (सेवाएं बाहर)।
पिछले आंकड़े: वित्त वर्ष 2025 में 40.9 अरब, 2026 के नौ माह में 26 अरब। भविष्य में 90 अरब+ तय।
कपड़ा क्षेत्र पर नजर: अमेरिका दोनों देशों से 7.5-7.5 अरब आयात। बांग्लादेश निटवियर में आगे, भारत वुवन में। 19% टैरिफ कट और जीरो ड्यूटी शर्त। लेकिन बांग्लादेश के लिए यूएस कच्चा माल महंगा, भारत का फायदा बरकरार। अधिकतम 1 अरब नुकसान।
यूरोप का 260 अरब डॉलर जीरो ड्यूटी बाजार भारतीय कपड़ा को उड़ान देगा। व्यापारिक विजय का दौर शुरू।