बांग्लादेश आज संसदीय चुनावों के साथ झूम रहा है। 299 निर्वाचन क्षेत्रों के 42,779 केंद्रों पर सुबह 7:30 से शाम 4:30 तक वोट डाले जा रहे हैं। गणना के बाद नई सत्ता की तस्वीर स्पष्ट हो जाएगी।
पूर्व पीएम शेख हसीना के पतन के डेढ़ साल बाद ये चुनाव 84-सूत्री संवैधानिक सुधारों के रेफरेंडम के साथ हो रहे हैं। 12.7 करोड़ मतदाताओं में 44 फीसदी युवा हैं, जो बदलाव की बयार ला सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 12.77 करोड़ पंजीकृत में महिलाएं 6.28 करोड़ हैं, जिनमें 27 लाख नई वोटर बनीं—पुरुषों से कहीं ज्यादा। उम्मीदवार महिलाएं सिर्फ 83 हैं, कुल का चार फीसदी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम: पूरे देश में 9.58 लाख जवान, संवेदनशील जगहों पर डबल तैनाती। 1 लाख सैनिक अतिरिक्त मुस्तैद।
आवामी लीग बहिष्कृत, बीएनपी-जमात गठजोड़ मजबूत। तारिक रहमान की अगुआई में नौकरशाही सुधार, कानून-व्यवस्था और स्वतंत्रता के नारे गूंज रहे हैं।
महिलाओं-युवाओं की भागीदारी से चमकते ये चुनाव बांग्लादेश को नई दिशा देंगे।