केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उत्तर प्रदेश के चंदौसी एफसीआई डिपो में रिश्वतखोरी के जाल को तोड़ा। दो अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार किया गया, जो एक निजी व्यापारी की शिकायत पर संभव हुआ। यह बुधवार की घटना भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का प्रतीक बनी।
व्यापारी ने बबराला डिपो में 16 चावल ढेर जमा किए थे और आठ अन्य की तैयारी कर रहा था। डिपो इंचार्ज ने पासिंग के लिए 50 हजार रुपये मांगे, बाकी पर प्रति ढेर 15 हजार। प्रबंधक भी इस षड्यंत्र का हिस्सा पाया गया।
ट्रैप ऑपरेशन में सीबीआई ने 30 हजार रुपये की पहली रिश्वत लेते हुए दोनों को धर दबोचा। यह रकम स्टैक स्वीकृति और आगे के कामों हेतु ली गई। बाद में उनके परिसरों की तलाशी ली गई, जिसमें सबूत मिले।
एफसीआई में स्टोरेज और स्टैकिंग के दौरान रिश्वत आम बात है, जहां मिल मालिकों से पैसे लेकर लापरवाही बरती जाती है। पंजाब, ओडिशा व महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी ऐसे केस सामने आए। सीबीआई आगे जांच तेज करेगी।
और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। आरोपी अदालत में पेश हो चुके हैं और हिरासत में हैं। यह मामला सरकारी ढांचे में पारदर्शिता लाने की मांग को बल देता है।