अमरावती में विधानसभा का बजट सत्र शुरू होते ही राजनीतिक घमासान छिड़ गया। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने गठबंधन सरकार पर राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर से विधानसभा अभिभाषण में असत्य बुलवाने का आरोप जड़ा। वाईएसआरसीपी विधायकों ने भाषण को निराधार और विकृत तथ्यों से भरा बताया।
विधायक तातिपार्थी चंद्रशेखर ने अभिभाषण को टीडीपी समर्थक मीडिया की कॉपी-पेस्ट कृति कहा। पूर्व सीएम वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी की मौजूदगी में विरोध हुआ और सदन से बहिर्गमन कर दिया गया।
पार्टी का कहना है कि सरकार विफलताओं से बचने को 11 विधायकों को विपक्ष का दर्जा नहीं दे रही। चंद्रशेखर ने 3.27 लाख करोड़ कर्ज, अमरावती रियल्टी बूम और विशाखा भूमि घोटालों पर चुटकी ली। वाईएसआरसीपी के शासन में भ्रष्टाचार मुक्त विकास हुआ, जबकि टीडीपी ने खजाना खाली छोड़ा।
एयरोस्पेस, क्वांटम सिटी जैसे वादों को भ्रम बताया। दर्जा मिलने पर सदन में भागीदारी का वादा किया और राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग। यह घटना आंध्र की सत्ता politics में नया मोड़ ला सकती है, जहां कर्ज और विकास मुद्दे गरमाएंगे।