अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ को झटका लगा है। इटली और पोलैंड ने बुधवार को इसमें शामिल न होने का ऐलान कर दिया। पोलैंड ने मौजूदा हालात बताए, तो इटली ने कानूनी अड़चनों का हवाला दिया।
पोलिश पीएम डोनाल्ड टस्क ने बैठक में स्पष्ट कहा कि देश बोर्ड के आकार पर शंकाओं के चलते भाग नहीं लेगा, लेकिन विश्लेषण जारी रहेगा। सुरक्षा परिषद की बैठक में यह मुद्दा प्रमुख था।
इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी ने संविधान का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि समान आधार पर ही इंटरनेशनल संस्था में प्रवेश संभव है, जबकि बोर्ड ट्रंप को अतिरिक्त शक्तियां देता है। पीएम मेलोनी की हालिया अपील बेकार गई।
गाजा संघर्ष विराम निगरानी से शुरू यह बोर्ड अब व्यापक हो गया। ट्रंप ने कई देशों को बुलावा भेजा, वैश्विक विवाद सुलझाने का लक्ष्य रखा। पाकिस्तान, मिस्र, तुर्की सहमत, लेकिन यूरोपीय देश जैसे फ्रांस, यूके अस्वीकार पर अड़े।
ये फैसले ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति पर पुनर्विचार की मांग करते हैं। बिना मजबूत समर्थन के बोर्ड की सफलता संदिग्ध है। मध्य पूर्व संकट के बीच यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों में नया मोड़ ला सकता है।