तमिलनाडु की सियासी गलियारों में गठबंधन सरकार बनाम एकल पार्टी शासन की बहस ने जोर पकड़ लिया है। डीएमके प्रमुख और सीएम एम.के. स्टालिन के ‘एकल पार्टी सरकार’ वाले बयान पर कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने कहा- अंतिम निर्णय जनता का होगा।
स्टालिन ने 2026 चुनाव जीतने पर कांग्रेस की गठबंधन मांग को ठुकरा दिया था। विरुधुनगर से सांसद टैगोर ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक जनादेश ही सरकार के स्वरूप को आकार देगा।
पुरानी यादें ताजा करते हुए उन्होंने 2006 विधानसभा चुनाव का हवाला दिया। डीएमके को 96, कांग्रेस को 34, पीएमके को 18 और माकपा को 9 सीटें मिली थीं। डीएमके अल्पमत में थी, लेकिन बाहरी समर्थन से पांच साल चली।
टैगोर ने कहा, कांग्रेस को करुणानिधि के साथ सत्ता में हिस्सेदारी के लिए आगे बढ़ना चाहिए था। यह मौका गंवाकर पार्टी ने अपनी स्थिति कमजोर की।
चुनाव नजदीक आते ही गठबंधन के भीतर यह विवाद बढ़ सकता है। टैगोर के बयान ने मुद्दे को फिर सुर्खियों में ला दिया है। तमिलनाडु की जनता की पसंद ही भविष्य तय करेगी।