इस्लामिक क्रांति के 47 वर्ष पूरे होने पर तेहरान के आजादी चौक से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बड़ा बयान दिया। ईरान अपने न्यूक्लियर प्लांट्स का हर प्रकार का निरीक्षण कराने को राजी है, लेकिन परमाणु बम की कोई मंशा नहीं रखता।
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘न्यूक्लियर हथियार हमारी प्राथमिकता नहीं। सत्यापन के हर प्रस्ताव पर हम सहमत हैं।’ किंतु पेजेशकियन ने चेतावनी दी कि अमेरिका-यूरोप की अतिशयोक्तिपूर्ण मांगें स्वीकार्य नहीं।
‘ईरान उनकी ज्यादतियों या हमलों के आगे सिर नहीं झुकाएगा,’ उन्होंने कहा। पश्चिमी बयानों ने अविश्वास की मजबूत दीवार बना दी है, जो बातचीत को बाधित कर रही है।
क्षेत्र में अमन के लिए पड़ोसियों से गहन चर्चा जारी है। पेजेशकियन ने जनता की एकजुटता की सराहना की, जो क्रांति और मातृभूमि की हिफाजत में उतरी।
1979 के विद्रोह ने साबित किया कि इरादे, इल्म और हुनर से राष्ट्र मजबूत बनाया जा सकता है। सरकारी खामियों पर खेद जताते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि समस्याएं हल होंगी।
खामेनेई के नेतृत्व में ईरान नई ऊंचाइयों को छुएगा। यह घोषणा वैश्विक कूटनीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।