हिमाचल की सियासत में घमासान मचा जब जयराम ठाकुर ने सीएम सुक्खू को ललकारा। बजट के बाद राजस्व घाटा अनुदान बंद होने पर सुक्खू के आरोपों को खारिज करते हुए ठाकुर ने कहा- यह राष्ट्रीय नीति है, हिमाचल-विशेष साजिश नहीं। वित्त आयोग ने सभी राज्यों के लिए यही तय किया।
सुक्खू का बयानबाजी गलतफहमी फैला रही है। ठाकुर ने याद दिलाया कि 12वें वित्त आयोग से ही तैयारी चल रही थी। मोदी सरकार में 14वें आयोग से 40,000 करोड़ हासिल हुए, पहले के 7,800 से कहीं ज्यादा। 15वें में कमी कोविड प्रभाव से हुई।
पूर्व सरकार की कूटनीति से हिमाचल नंबर वन रहा, लेकिन अबकी सरकार ने कमजोर पक्ष रखा। दक्षिणी राज्यों ने क्यों सफलता पाई? वित्त सचिव चेताते हैं- सब्सिडी समाप्ति, नौकरियां रुकेंगी, प्रोजेक्ट बंद, 7 हजार करोड़ का चूक।
ठाकुर ने अपनी उपलब्धियां गिनाईं- हिमकेयर, सहारा, शगुन, जल जीवन मिशन से विकास। सड़कें बनीं, हर घर नल पहुंचा। वर्तमान में पारदर्शिता न होने से बुजुर्ग पेंशन, कर्मी वेतन व ग्रामीण सुविधाओं को लेकर बेचैन।
झूठे बयानों से बचें, वास्तविकता बताएं। आर्थिक स्वावलंबन का प्लान कब? मंत्रियों का असंतोष सरकार को कमजोर कर रहा। जनता को सच्चाई का हक है, दोषारोपण से समस्या हल नहीं होगी। हिमाचल संकट से उबरने को बेताब।