देश में एआई से बने झूठे वीडियो और इमेज के खिलाफ सरकार ने कड़े दाँत दिखाए हैं। कानूनी जानकारों ने संशोधित दिशानिर्देशों की तारीफ की है, जो सोशल मीडिया कंपनियों के लिए ज्यादा सटीक साबित हो रहे हैं।
आईटी मंत्रालय के नए नियम आईटी नियम 2021 को अपडेट करते हैं। अब हर एआई कंटेंटではなく केवल धोखा देने वाले पर नजर। प्लेटफॉर्म्स को लेबल या डिजिटल चिन्ह लगाने होंगे ताकि यूजर जान सकें कि ये नकली है।
इससे नियामक संस्थाएं डीपफेक को ट्रैक और ब्लॉक कर सकेंगी। मिसइन्फॉर्मेशन से बचाव का ये बेहतरीन तरीका है।
जेएसए के पार्टनर सजाई सिंह बोले, ‘पुराने प्रस्ताव से अलग, ये व्यावहारिक हैं। कंपनियां आसानी से लागू कर सकेंगी।’
महत्वपूर्ण बदलाव: गलत बताए डीपफेक 3 घंटे में हटाओ, पहले 36 थे। लेबल स्थायी होंगे। गैरकानूनी कंटेंट के लिए ऑटो टूल्स जरूरी।
डीपफेक के बढ़ते खतरे के बीच ये नियम डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करेंगे। भारत वैश्विक स्तर पर जिम्मेदार एआई नीति का उदाहरण पेश कर रहा है।