उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ से अधिक का बजट पेश कर विकास यात्रा को नई रफ्तार दी। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह 12.9 प्रतिशत अधिक है। पूंजीगत खर्च 19.5 प्रतिशत, शिक्षा 12.4, स्वास्थ्य 6 और कृषि 9 प्रतिशत। राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत पर नियंत्रित, 2030 तक जारी।
ऋण अनुपात में सुधार: 2016-17 के 29.3 से 27.9 (2019-20), कोविड पीक 33.4 से वर्तमान में 27 से नीचे। अगले साल 23.1 और जल्द 20 प्रतिशत से कम।
पुलिस मॉडर्नाइजेशन को प्राथमिकता। अपराध दरों में भारी गिरावट—डकैती 89%, लूट 85%, हत्या 47%, बलवा 70%, फिरौती अपहरण 62% कम। महिलाओं व एससी-एसटी पर अत्याचार घटे।
प्रावधान: पुलिस गैर-आवासीय भवन 1374 करोड़, आवासीय 1243 करोड़। नए जिलों में निर्माण 346 करोड़, फायर स्टेशन 200 करोड़, मल्टीस्टोरी अग्नि सुरक्षा 190 करोड़। महिला बीट के वाहन 25 करोड़।
मेडिकल एजुकेशन के लिए 14997 करोड़ आवंटित। प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज कार्यरत। 16 अविकसित जिलों में पीपीपी से नया सेटअप। एमबीबीएस 4540→12800, पीजी 1221→4995। नए कॉलेज 1023 करोड़, लखनऊ कैंसर इंस्टीट्यूट 315 करोड़, दुर्लभ बीमारियां 130 करोड़।
कुल स्वास्थ्य बजट 37956 करोड़ (15% अधिक)। एनआरएचएम 8641 करोड़, आयुष्मान भारत 2000 करोड़। जन आरोग्य योजना से 49.22 लाख परिवार लाभ ले रहे। मानसिक स्वास्थ्य सभी जिलों में, संक्रमण निगरानी पोर्टल प्रभावी।
वित्तीय अनुशासन के साथ विकास पर जोर—this बजट यूपी की प्रगति का नया अध्याय लिखेगा।