वाशिंगटन से बड़ी खबर: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि एक विशाल अमेरिकी नौसेना ईरान के रुख पर सवार है। लैरी कडलो के साथ फॉक्स बिजनेस इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा—अमेरिकी शर्तें मानो, डील करो, नहीं तो नुकसान तुम्हारा।
ट्रंप ने सैन्य सक्रियता पर जोर देते हुए कहा कि ईरान समझौते के लिए तैयार लगता है, मगर कोई लेन-देन परमाणु हथियार, मिसाइल या अन्य विवादों को सुलझाए बिना नहीं चलेगा। उन्होंने ईरानी शासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
ओबामा-बाइडेन युग की ईरान पॉलिसी को ट्रंप ने कोसा। ‘उन्होंने एक खतरनाक शक्ति को जन्म दिया। वह न्यूक्लियर डील बेहद मूर्खतापूर्ण थी।’ पिछले अमेरिकी हमलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भविष्य की कार्रवाई की संभावना जताई।
सैन्य तैनाती को व्यापक प्लान का हिस्सा बताते हुए ट्रंप ने टैरिफ से छह युद्ध सुलझाने का श्रेय लिया। ईरान का परमाणु कार्यक्रम और प्रॉक्सी गतिविधियां मध्य पूर्व को अस्थिर कर रही हैं, जो तेल कीमतों, होर्मुज जलडमरूमध्य और वैश्विक समीकरणों को प्रभावित करती हैं।
भारत, ईरान का पुराना साझेदार, खाड़ी की इस जंग पर पैनी नजर रखे हुए है। ऊर्जा आयात, कनेक्टिविटी पहल और समुद्री हित भारत की चिंता का विषय हैं। ट्रंप का यह बयान तनाव को नई ऊंचाई दे सकता है।