अव्यवस्थित दिनचर्या से शारीरिक-मानसिक रोग बढ़ रहे हैं। हृदय मुद्रा योगासन इसका प्रभावी समाधान है। मोरारजी देसाई योग संस्थान इसे हृदय और भावनाओं के लिए उत्तम मानता है।
हाथों से प्राण ऊर्जा हृदय की ओर निर्देशित कर यह मुद्रा हृदय को सशक्त बनाती है। नाड़ियों को उत्तेजित कर तनाव दूर करती है।
यह अनाहत चक्र सक्रिय कर प्रेम, शांति लाती है। मानसिक संकट में उपयोगी। रक्त प्रवाह सुधार, नर्वस सिस्टम शांत तथा हृदय समस्याओं पर नियंत्रण।
अभ्यास: पद्मासन में विराजें, हाथ घुटनों पर। तर्जनी मोड़ें, मध्य-अनामिका अंगूठे से मिलाएं, छोटी उंगली ढीली। गहरी सांस, हृदय केंद्रित। 10-30 मिनट प्रतिदिन।
सभी आयुवर्ग के लिए लाभकारी। हृदय रोगी चिकित्सक से परामर्श करें। आज से शुरू करें स्वस्थ हृदय यात्रा।