हिंदू पंचांग तिथि, नक्षत्र, योग, करण व वार से जीवन को दिशा देता है। 12 फरवरी गुरुवार नारायण, बगलामुखी मां पितांबरा एवं बृहस्पतिदेव को अर्पित है।
गुरुवार व्रत-पूजा से ज्ञान वृद्धि, शत्रु पराजय और सफलता मिलती है। पीला दान, केला प्रसाद व मंत्र जप से जीवन में शुभता आती है।
सूर्योदय 7:02, सूर्यास्त 6:09। दशमी दोपहर 12:22 तक (उदयातिथि), फिर एकादशी। नक्षत्र ज्येष्ठा 1:42 तक, मूल बाद में। हर्षण योग 13 को 3:06 तक। विष्टि करण 12:22 तक, बव उसके बाद।
उत्तम मुहूर्त: ब्रह्म मुहूर्त 5:19-6:10, अभिजित 12:13-12:58, विजय 2:27-3:11, गोधूलि 6:06-6:32। यहीं पूजा-कार्य करें।
निषिद्ध समय: राहु 1:59-3:22, यमगंड 7:02-8:25, भद्रा सुबह से दोपहर 12:22, गंड मूल दिनभर। यात्रा-आरंभ न करें। शुभ काल में ध्यान-दान फलदायी।
पंचांग अनुसरण से गुरुवार को विजयपूर्ण बनाएं।