वैलेंटाइंस वीक के उत्साह के बीच झारखंड के रांची में एक प्रेम प्रसंग ने खौफनाक मोड़ ले लिया। चचेरी भाभी गीता देवी ने देवर शंकर नायक की होने वाली शादी की बात सुनकर ख ectा बदला लिया। तीन साल के इस अवैध रिश्ते को तोड़ने पर उसने पति बलदेव के साथ मिलकर शंकर को चाय में जहर मिलाकर शवयात्रा के योग्य बना दिया।
लोधमा गांव की इस घटना की जड़ें शंकर के माता-पिता के निधन के बाद हैं, जब गीता ने घर संभाला और दोनों नजदीक आ गए। शादी की खबर से आग बबूला गीता ने साजिश रची। घर बुलाकर परोसी गई चाय साबित हुई आखिरी सांस का कारण। जमशेदपुर अस्पताल में शंकर की जिंदगी की जंग हार गई।
भाई सुकरा की शिकायत पर पुलिस हरकत में आई। तकनीकी साक्ष्यों से गीता दंपति और नाबालिग बेटी को पकड़ लिया गया। पुलिसिया कार्रवाई की तारीफ हुई। लेकिन 48 घंटे पूर्व सोनाहातू की क्रूरता याद आ जाती है, जहां सुलोचना जोड़े ने हरिहर महतो को निर्ममता से तड़पाया और नदी तट पर फेंक दिया।
इन घटनाओं से साफ है कि अवैध संबंध ग्रामीण झारखंड को हिंसा की चपेट में ले रहे हैं। प्रशासन को सतर्कता बरतनी होगी।