पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर में मोयना विधानसभा क्षेत्र ग्रामीण भारत की राजनीतिक उथल-पुथल को दर्शाता है। वाम दबदबे से भाजपा उभार तक का सफर दिलचस्प है।
1951 में बनी यह सीट तमलुक लोकसभा के सात क्षेत्रों में शामिल है। वाम दलों ने कुल 11 जीतें हासिल कीं, जबकि कांग्रेस को तीन मिलीं। टीएमसी का आगमन 2011 में हुआ जब भूषण डोलाई ने 9,957 वोटों से जीत दर्ज की। 2016 में 12,124 वोटों की मार्जिन से दोबारा सफलता मिली।
2021 का टर्निंग पॉइंट था—भाजपा के अशोक डिंडा ने टीएमसी को 1,260 वोटों से हराया। लोकसभा में भाजपा 2019 के 42.70 प्रतिशत से 2024 में 9,948 वोटों की लीड ले गई। मतदाता संख्या 1.97 लाख से बढ़कर 2.68 लाख हो गई। मतदान प्रतिशत हमेशा 85-90 के बीच।
एससी 22 प्रतिशत से अधिक, मुस्लिम 11 प्रतिशत। पूरी तरह ग्रामीण। मोयनगढ़ किले के अवशेष प्राचीन गौरव की कहानी कहते हैं। नदियों से लबालब डेल्टा में कृषि और मत्स्य पालन जीविका का आधार हैं।
तमलुक 17 किमी, कोलकाता 96 किमी। 2026 में सीधी टक्कर भाजपा और टीएमसी की, जहां डेल्टा के ग्रामीण मतदाता भारी पड़ेंगे।