नई दिल्ली में 2026 की पहली ब्रिक्स शेरपा बैठक में चीन के प्रतिनिधि मा चाओश्य्वी ने सक्रिय भूमिका निभाई। उप विदेश मंत्री मा ने भारत की मेजबानी में हुई इस बैठक को ब्रिक्स के भविष्य के लिए अहम बताया।
उन्होंने कहा कि शी चिनफिंग ने उच्च गुणवत्ता वाले ग्रेटर ब्रिक्स सहयोग का खाका खींचा है। पांच प्रमुख स्तंभों – शांति, इनोवेशन, सस्टेनेबल डेवलपमेंट, न्याय और लोगों के बीच आदान-प्रदान – पर केंद्रित यह ढांचा ब्रिक्स को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
मा चाओश्य्वी ने भारत, अन्य सदस्य देशों और पार्टनर्स के साथ मिलकर सिद्धांतों पर कायम रहने, सहयोग गहराने, तंत्र मजबूत करने, बहुपक्षीयता बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय न्याय बचाने और ग्रेटर ब्रिक्स को विस्तार देने की इच्छा जाहिर की।
सहयोग की प्राथमिकताओं, वर्षभर के कार्यक्रमों पर चर्चा हुई और 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियां आरंभ हो गईं।
वैश्विक मंच पर ब्रिक्स की बढ़ती ताकत का प्रतीक यह बैठक उभरते अर्थतंत्रों के बीच एकजुटता का संदेश देती है। भारत के नेतृत्व में ब्रिक्स वैश्विक व्यवस्था को नया आकार देगा।