खगोल प्रेमियों के लिए गुड न्यूज! चिली सरकार ने अटाकामा रेगिस्तान के साफ नीले आकाश को बचाने के लिए 10 बिलियन डॉलर के मेगा प्रोजेक्ट को ठुकरा दिया। पृथ्वी का यह सबसे सूखा भाग खगोलीय अवलोकन के लिए स्वर्ग है, जहां बादल कम और साफ आसमान ज्यादा रहता है।
एईएस एंडेस द्वारा प्रस्तावित आईएनएनए केंद्र में हाइड्रोजन-अमोनिया प्लांट, सोलर फार्म, पोर्ट और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क था। 3,000 हेक्टेयर फैलाव वाला यह प्रोजेक्ट पैरानल वेधशाला के टेलीस्कोपों के लिए खतरा बन गया होता। लाइट पॉल्यूशन से दूर की आकाशगंगाओं का अध्ययन असंभव हो जाता।
ईएसओ की इत्जियार डी ग्रेगोरियो ने स्वागत किया, “अब पैरानल सुरक्षित रहेगा।” लेकिन उन्होंने सतर्क किया कि खगोल साइट्स की रक्षा का संघर्ष जारी है। पर्यावरण सेवा ने बताया कि कंपनी ने प्रोजेक्ट आधिकारिक तौर पर छोड़ दिया।
वैज्ञानिकों का अभियान सफल रहा, जिसमें नोबेल विजेता रेनहार्ड जेनजेल की अपील शामिल थी। एईएस ने विश्लेषण के बाद निर्णय लिया। अटाकामा न केवल अनुसंधान का केंद्र है, बल्कि स्टारगेजिंग टूरिज्म का हॉटस्पॉट भी।
यह जीत पर्यावरण, विज्ञान और विकास के सामंजस्य की मिसाल कायम करती है। चिली का यह कदम वैश्विक स्तर पर खगोल संरक्षण को मजबूत करेगा।