महाराष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मान्यता मिलने जा रही है। सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार 11 से 16 फरवरी को पेरिस पहुंचकर छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़े 12 किलों का यूनेस्को विश्व धरोहर प्रमाण-पत्र ग्रहण करेंगे। यह ‘मराठा सैन्य परिदृश्य’ के अंतर्गत 2025 के 47वें सत्र में स्वीकृत हुआ।
लंबी प्रक्रिया के बाद प्राप्त यह सम्मान शिवाजी की सैन्य व प्रशासनिक प्रतिभा को उजागर करता है। इन किलों ने स्वराज्य की नींव रखी और आक्रमणों का डटकर मुकाबला किया।
महाराष्ट्र-तमिलनाडु के रायगढ़, राजगढ़, प्रतापगढ़, पन्हाला, शिवनेरी, लोहागढ़, साल्हेर, सिंधुदुर्ग, सुवर्णदुर्ग, विजयदुर्ग, खंडेरी व जिंजी किले विश्व मानचित्र पर चमकेंगे।
यूनेस्को में आंबेडकर प्रतिमा को नमन करने के बाद महत्वपूर्ण बैठकें होंगी। अन्य धरोहरों जैसे कोंकण चित्रकला, समुद्री किले, पंढरपुर यात्रा, गणेश उत्सव व दही हांडी को प्रोत्साहन मिलेगा। फरवरी 2025 की प्रस्तुति का यह सकारात्मक परिणाम है।
पेरिस संग्रहालयों से प्रेरित होकर बांद्रा का महाराष्ट्र संग्रहालय विश्वस्तरीय बनेगा। यह कदम राज्य की सांस्कृतिक महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाइयां देगा।