बसंत ऋतु प्रकृति को जागृत करती है, किंतु आयुर्वेद के अनुसार कफ दोष के बढ़ने का खतरा रहता है। रातों में अपच, भारीपन की शिकायतें बढ़ जाती हैं। सही भोजन से इनसे बचा जा सकता है।
शीतकालीन कफ ग्रीष्मागम से विलीन होने लगता है। गरिष्ठ आहार इसे बढ़ावा देता है, जिससे जुकाम, पेटदर्द और सुस्ती आती है। हल्के भोजन अपनाएं।
मूंग खिचड़ी सोंठ के साथ आदर्श। भुनी हुई सब्जियां कब्ज दूर करती हैं। बाजरा रोटी नमी ग्रहण करती है।
गुनगुना अदरक-शहद जल कफ पिघलाता है। मेथी डायबिटीज रोगियों के लिए वरदान। हaldi वाला दूध सूजन कम करता है। सहजन फली, पपीता, जौ का सूप वैकल्पिक हैं।
सुझाव: 8 बजे पहले खाएं, दही-ठंडे पदार्थ छोड़ें। आयुर्वेदिक जीवनशैली से बसंत आनंदमय बने।