लोकसभा में जनरल नरवणे की किताब पर विपक्षी हंगामे को भाजपा ने राजनीतिक स्टंट बताया। नेताओं ने राहुल गांधी की जिद को सदन की नाकामी का कारण ठहराया, जो लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
चिराग पासवान ने स्पष्ट कहा कि राहुल की हठधर्मिता से सत्र विफल हुआ। स्पीकर पर अविश्वास असंवैधानिक है। गिरिराज सिंह ने किताब के प्रकाशन न होने पर सवाल उठाया और राहुल को संसदीय मर्यादा का पाठ पढ़ाया।
रवि किशन ने विपक्ष को मोदी-भाजपा की सफलता से जलने वाला बताया। तिवारी ने कहा पहले किताब छपवाओ। गोविल ने नियम उल्लंघन का आरोप लगाया। मिश्रा ने प्रस्ताव को बेमानी ठहराया, जो करदाताओं का अपमान है।
भाजपा ने अपील की कि हंगामे छोड़ जनता की समस्याओं पर बहस हो। यह संसदीय गरिमा को बचाने का समय है।