चीन के अफ्रीका में कर्ज के जाल फैलाने के बीच भारत नौसैनिक कूटनीति से नए अवसर रच रहा है। 15-25 फरवरी को विशाखापत्तनम के आईएफआर-मिलन में 70+ देशों संग 20 अफ्रीकी नौसेनाएं आएंगी, जो सामरिक साझेदारी को गति देगा।
पश्चिमी अफ्रीका तक विस्तार उल्लेखनीय, सेशेल्स-साउथ अफ्रीका जहाज लाएंगे। मिशन सागर के तहत स्वदेशी रक्षा निर्यात के बाजार के रूप में अफ्रीका महत्वपूर्ण। खनन व तेल संसाधन भारत की जरूरतें पूरी करेंगे।
अभ्यासों की श्रृंखला में आईओआर शिप सागर, एआईकेईवाईएमई (केन्या-मॉरीशस आदि संग), अल्जीरिया पासेक्स शामिल। द्रौपदी मुर्मू का अल्जीरिया दौरा, जनरल चौहान का एमओयू, जनरल द्विवेदी का विदेशी दौरा व जी20 प्रस्ताव ने बंधन मजबूत किए।
2017 में जिबूती में चीनी बेस व एसआईपीआरआई रिपोर्टेड सस्ते हथियार भारत के विश्वसनीय साझेदारी मॉडल से मुकाबले में हैं। यह आयोजन समुद्री सुरक्षा व आर्थिक विकास के नए युग का सूत्रपात करेगा।