लोकसभा में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा। कांग्रेस के इमरान मसूद ने स्पीकर ओम बिरला को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि स्पीकर अपने दायित्वों का सही निर्वाह नहीं कर रहे, जो संसद के लिए अशुभ संकेत है।
बातचीत में मसूद ने चिंता जताई, ‘सदन की कार्यवाही अध्यक्ष की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है। परंपरागत नियमों का पालन न करना स्पीकर की जिम्मेदारी है।’
विकास की बात करते हुए बोले, ‘देश आगे बढ़े, इसके लिए सभी को शामिल होना होगा। मुद्दों से मुंह न मोड़ें, बल्कि सकारात्मक चर्चा करें। संसद का यह स्वरूप देश के लिए हानिकारक है।’
जनरल नरवणे की पुस्तक पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘किताब के विवरणों की गहन जांच जरूरी। पहले पढ़ें, फिर विश्लेषण करें। सत्ता पक्ष भटकाव का सहारा लेता है और किताब प्रतिबंधित करवा देता है।’
भारत-पाक क्रिकेट मुकाबले पर गुस्सा फूटा, ‘पाक टीम को कोसता हूं। पुलवामा के बाद कोई रिश्ता नहीं। हमले के बाद दुबई मैच बेहया हरकत थी। सभी मैचों का बहिष्कार।’
ये बयान संसदीय सुधारों की मांग को बल देते हैं, जहां स्पीकर की निष्पक्षता और मुद्दे-केंद्रित बहस पर जोर दिया जा रहा है।