बोंडी बीच हमले के सदमे में ऑस्ट्रेलिया पहुंचे इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग का सोमवार को स्वागत विरोध के सैलाब से हो गया। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज द्वारा बुलाए गए इस दौरे पर विभिन्न शहरों में इजरायल-विरोधी रैलियां हुईं। पुलिस को भीड़ संभालने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा, जिसमें 27 गिरफ्तारियां शामिल रहीं।
अल्बनीज ने रेडियो पर कहा, ‘हमें यहां कोई झड़प या मौतें नहीं चाहिएं—न इजरायलियों की, न फिलिस्तीनियों की।’ वे हिंसा से ‘बहुत दुखी’ हैं और प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने को कह रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसी घटनाएं आंदोलनों को कमजोर करती हैं।
दौरे से पूर्व पीएम ने इसका उद्देश्य समझने की अपील की थी। वे राष्ट्रपति संग शोकाकुल परिवारों से मिलेंगे, लेकिन यहूदी संगठन उन्हें एंटीसेमिटिज्म रोकने में विफल बता रहे हैं।
टाउन हॉल पर हजारों की भीड़ बेकाबू हो गई। वीडियो में बैरिकेड्स पर हमला और लेटे प्रदर्शकारी नजर आए। पुलिस ने गैस और स्प्रे का उपयोग किया। 10 पर पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोप बने। कोर्ट ने पाबंदियों को मंजूरी दी।
प्रदर्शन स्थलों से हर्जोग दूर रहे। प्रीमियर मिन्स ने कहा, ‘पुलिस मुश्किल में थी, लेकिन उन्होंने सही फैसले लिए।’ शांति का संदेश दिया।
ऑस्ट्रेलिया में मध्यपूर्व संकट की गूंज साफ दिखी। अल्बनीज का आह्वान एकता की दिशा में कदम है।