यूनानी चिकित्सा की परंपरा में निरोगी काया का राज है हरकत-ओ-सुकून बदनी। अर्थात् शरीर को सक्रिय रखें लेकिन थकान न होने दें, और विश्राम भी समयबद्ध लें। यह संतुलन शक्ति, स्फूर्ति और मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है।
मध्यम व्यायाम से तनकिया प्रक्रिया सक्रिय होती है, जो मल-मूत्र सहित कचरे को बाहर फेंकती है। नतीजा चमकदार त्वचा, स्वस्थ अंग और मजबूत शरीर। आराम के समय आंतरिक शक्तियां पाचन, मरम्मत और रक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाती हैं।
चिकित्सा व्यक्तिगत अंतरों को ध्यान में रखती है। गर्म मिजाज व्यक्ति गर्मी में कम और सर्दी में अधिक हलचल करें। ठंडे मिजाज वाले विपरीत। उम्र व गठन के अनुरूप कार्यक्रम बनाएं ताकि ऊर्जा व्यर्थ न गंवाएं।
सरल उपाय: रोज टहलना, हल्का व्यायाम या योग से दिन शुरू करें। आलस्य त्यागें, हर घंटे थोड़ी गतिविधि जोड़ें। अपनी क्षमता के अनुकूल एक्सरसाइज चुनें। 7-8 घंटे सोएं, दिन में विश्राम लें। अतिशय परिश्रम से बचें जो थकान का कारण बनता है। यूनानी मार्ग अपनाकर आधुनिक जीवन में भी पूर्ण स्वास्थ्य प्राप्त करें।