संसद सत्र के तनावपूर्ण माहौल में कांग्रेस ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की अटकलों को विराम देते हुए कहा कि बिना विधिवत घोषणा के कोई प्रतिक्रिया नहीं। पार्टी संवैधानिक मर्यादाओं का कड़ाई से पालन करेगी।
राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने स्पष्ट किया, ‘संविधान के अनुसार प्रस्ताव पेश होने पर ही हमारा आधिकारिक बयान आएगा। अफवाहों पर कुछ नहीं कहेंगे।’
अंदरूनी जानकारी के मुताबिक, नोटिस जल्द लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है। सत्र में लगातार हंगामे और बहसें कार्यवाही ठप कर रही हैं।
इंडिया ब्लॉक पक्षपात का आरोप लगा रहा है। राष्ट्रपति भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में राहुल गांधी को मौका न मिलना लोकतंत्र के लिए खतरा बताया गया।
सुखदेव भगत ने जोर दिया, ‘व्यक्ति नहीं, निष्पक्षता का मुद्दा है। राहुल के बोल से भय है। अध्यक्ष संविधान के अधीन कार्य करे, सरकार के इशारे पर नहीं।’
कारणों में विपक्षी सांसदों का निष्कासन, भाजपा सांसद दुबे की बयानबाजी पर चुप्पी और महिला नेताओं पर निराधार आरोप प्रमुख हैं। मामला संसदीय संतुलन को प्रभावित कर सकता है।