भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग ने 2026 की शानदार शुरुआत की। एम्फी डेटा के मुताबिक जनवरी में 1.56 लाख करोड़ का निवेश दर्ज हुआ। गोल्ड ईटीएफ में 24,039.96 करोड़ आया, दिसंबर के मुकाबले दोगुना।
यह इक्विटी सेगमेंट से भी ज्यादा था। एक्टिव इक्विटी में 24,029 करोड़ का प्रवाह, 14 प्रतिशत कम लेकिन स्थिर। फ्लेक्सी कैप ने 7,672.36 करोड़ से लीड किया।
लार्ज कैप 2,004 करोड़ (बढ़त), मिड कैप 3,185.47 करोड़, स्मॉल कैप 2,942.11 करोड़। थीमैटिक फंड्स में 1,042 करोड़, 9.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी।
डेट में जबरदस्त वापसी- 74,827.13 करोड़। रातोंरात फंड्स 46,280 करोड़, लिक्विड 30,681.55 करोड़। हाइब्रिड 17,356.02 करोड़, आर्बिट्रेज 3,293.30 करोड़।
एनएफओ से 1,939 करोड़ जुटे। एसआईपी 31,002 करोड़ पर अडिग। विशेषज्ञ हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि अस्थिरता में भी सकारात्मक प्रवाह जारी, मिड-स्मॉल कैप की रफ्तार धीमी लेकिन लार्ज कैप मजबूत।
निवेशक अब सोना, इक्विटी और डेट का संतुलन बना रहे हैं। यह रणनीति भविष्य के लिए मजबूत आधार देगी।