दो रोटी बाहर खाओ तो प्यास लगे, घर चार खाओ तो शांति। यह फर्क क्यों? खाने की गुणवत्ता में छिपा है रहस्य। स्ट्रीट फूड के जाल से सावधान।
नमक की अधिकता मुख्य वजह। दुकानों पर रिफाइंड आटा, अतिरिक्त तेल, सोडियम बम फूटता है। शरीर फ्लूइड बैलेंस बनाने को पानी मांगता है—बार-बार।
तेलयुक्त भोजन पचाना कठिन। फ्राई, प्रोटीन आहार जल सोखते हैं। त्योहारों पर घर के पकौड़े भी ऐसा ही करते हैं।
परिणाम: सुस्ती, उच्च रक्तचाप। घरेलू रसोई ताजा मसाले, कम तेल—शरीर का पोषण।
उपाय: छाछ सर्वोत्तम—ठंडक, पाचन सहायक। पानी के साथ लें। आदत बदलें: स्वाद के नाम पर जहर न खाएं। संतुलित जीवन जिएं।