अमेरिकी कांग्रेस में बांग्लादेश को लेकर गंभीर चेतावनी दी गई है कि देश लोकतंत्र के संकट से जूझ रहा है और 12 फरवरी के चुनाव धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। ब्रीफिंग में लोकतांत्रिक ढांचे की दुर्बलता और कट्टरपंथी ताकतों के उदय पर विस्तार से चर्चा हुई।
रेबर्न हाउस में हिंदूएक्शन व कोहना द्वारा आयोजित इस सत्र में एईआई के माइकल रुबिन ने अल्पसंख्यक अधिकारों को सुधारों की कुंजी बताया। जमात-ए-इस्लामी जैसे दलों पर आरोप लगाया कि वे धर्म का दुरुपयोग कर उन्माद फैलाते हैं। सहनशीलता के लोप को अपरिवर्तनीय बताते हुए उन्होंने बांग्लादेश को दक्षिण एशिया का संवेदनशील बिंदु करार दिया।
धार्मिक स्वतंत्रता के हनन से अमेरिका प्रभावित होगा, ऐसा चेताते हुए रुबिन ने विदेश नीति की निष्क्रियता पर प्रहार किया। हिंसा की खबरों में ‘निष्क्रिय वाक्य’ के प्रयोग को आतंक को छिपाने वाला ठहराया। सवालों में उन्होंने जमात को Terrorist करार दिया।
एडेल नजारियन ने चुनाव को वैश्विक सुरक्षा से जोड़ा। अवामी लीग की अनुपस्थिति को सत्ता के बल प्रयोग का प्रतीक बताते हुए ठोस कदमों की अपील की। बयानों से आगे बढ़ने की जरूरत बताई।
चुनाव से 앞 इस ब्रीफिंग में बुद्धिजीवियों ने लोकतंत्र व स्वतंत्रता की रक्षा पर बल दिया, जो बांग्लादेश के भविष्य के लिए चिंताजनक संकेत देती है।