भाजपा नेता श्रीकांत भारतीय ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के वीर सावरकर को भारत रत्न प्रदान करने के आह्वान का स्वागत किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेमी लोगों के हृदय की बात बताया।
मुंबई में आईएएनएस को दिए बयान में भारतीय ने सावरकर के जीवन पर प्रकाश डाला—उनका पूर्ण समर्पण, अपार त्याग और काले पानी की 14 वर्षीय कैद। स्वतंत्रता आंदोलन में उनका योगदान जगविख्यात है। भागवत ने करोड़ों भारतीयों की अनकही भावनाओं को व्यक्त किया।
कांग्रेस के इमरान मसूद द्वारा सावरकर पर टिप्पणी पर भारतीय भड़के। ‘भारत में पैदा होकर स्वतंत्रता संग्राम की जानकारी न होना शर्मनाक है। बलिदान किसने दिए? काला पानी कौन सहे? पढ़ना चाहिए,’ उन्होंने नसीहत दी।
आजादी के नायकों के इतिहास पर जोर देते हुए भारतीय ने कहा कि ऐसी अज्ञानता दु:खदायी है।
रितु तावड़े को बीएमसी मेयर उम्मीदवार बनाने पर उन्होंने वादा निभाने का दावा किया। ‘फडणवीस जी ने हिंदू-मराठी-महायुति का वचन दिया था, जो पूरा हो गया।’
एक समान नागरिक संहिता पर भागवत के विचारों को सही ठहराते हुए भारतीय ने बताया कि भाजपा वर्षों से इस पर काम कर रही है। यह समाज को एकजुट करने और सबको मुख्यधारा में लाने का सशक्त कदम है, जो जनता की मांग है।