संयुक्त अरब अमीरात और मिस्र के राष्ट्रपतियों ने अबू धाबी में सोमवार को गाजा पट्टी में स्थायी ceaseफायर की वकालत की। शेख मोहम्मद बिन जायद और अब्देल फतह अल-सीसी ने दो-राष्ट्र सिद्धांत को मध्य पूर्व शांति का आधार बताया।
बढ़ते तनाव के दौर में हुई बैठक में मानवीय सहायता की निर्बाध आपूर्ति और युद्धविराम सुनिश्चित करने पर सहमति बनी। नेताओं ने व्यापक युद्ध की आशंका जताते हुए सभी पक्षों को सतर्क किया।
क्षेत्रीय एकता और संप्रभुता की रक्षा को स्थिरता का मूल माना गया। संकटों से निपटने के लिए कूटनीतिक उपायों को सर्वोपरि ठहराया।
आर्थिक मोर्चे पर यूएई-मिस्र संबंधों को मजबूत करने की रूपरेखा बनी। एआई यूनिवर्सिटी के दौरे से यूएई की वैश्विक तकनीकी भूमिका उजागर हुई।
2024 की 35 अरब डॉलर की भूमध्यसागरीय परियोजना ने मिस्र को विदेशी मुद्रा और मुद्रा स्थिरता प्रदान की।
मिस्र के विदेश मंत्री ने ग्रीस के साथ बातचीत में गाजा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की मांग दोहराई। यूएनएससी समर्थित अमेरिकी योजना के अगले भाग पर बल।
फिलिस्तीनी समिति को मिस्र ने फिर समर्थन दिया, जो गाजा प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है। सहायता और पुनर्निर्माण पर जोर।
चल रहे समझौते के बाद पूर्ण वापसी और पुनर्वास की रूपरेखा तैयार। यह साझेदारी आशा की किरण है।