Close Menu

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    What's Hot

    निर्देशक केसी बोकाडिया की फिल्में जो आज भी जीवंत हैं

    February 10, 2026

    यूएसए टीम में एहसान आदिल की एंट्री, पाकिस्तान के 9 मैचों का अनुभव

    February 9, 2026

    सनी देओल की लाहौर 1947 13 अगस्त को रिलीज, आमिर खान का खुलासा

    February 9, 2026
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Indian Samachar
    • World
    • India
      • Chhattisgarh
      • Jharkhand
      • Madhya Pradesh
      • Bihar
    • Entertainment
    • Tech
    • Business
    • Health
    • Articles
    • Sports
    Indian Samachar
    Home»India»धूमिल: संसद की चुप्पी पर रोटी का सवाल उठाने वाले कवि
    India

    धूमिल: संसद की चुप्पी पर रोटी का सवाल उठाने वाले कवि

    Indian SamacharBy Indian SamacharFebruary 9, 20261 Min Read
    Share Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link
    साहित्य
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

    10 फरवरी 1975 को सुदामा पांडेय उर्फ धूमिल का निधन हुआ। 39 वर्षीय इस कवि ने ब्रेन ट्यूमर के आगे हार मान ली, लेकिन हिंदी साहित्य में उनकी छाप अमिट है। साठोत्तरी दौर के वे सबसे असरदार कवि बने, जिन्होंने कविता को विद्रोह का हथियार बनाया।

    कविता के बदलते परिदृश्य में धूमिल मजदूर की तरह मैदान में उतरे। उनकी पंक्तियां व्यवस्था से भिड़तीं। शब्दों और हथियारों का फर्क वे बखूबी समझते थे। उनका आक्रोश भावुक नहीं, वैचारिक था- शोषणमुक्ति की चाह।

    ‘रोटी बेलने वाला, खाने वाला और खेलने वाला तीसरा- संसद क्यों मौन?’ यह सवाल आज भी गूंजता है। 1936 में वाराणसी ग्रामीण इलाके में जन्म। गरीबी, बाल-विवाह, पिता की असमय मृत्यु, कारखानों की मजदूरी से गुजरे। आईटीआई डिप्लोमा पर अनुदेशक बने।

    राजनीतिक हलचल ने उनकी रचनाओं को ताकत दी। भाषा आम आदमी की, प्रवाहपूर्ण। स्वतंत्रता-पश्चात् भ्रमजाल को चूर किया। ‘संसद से सड़क तक’ जीवनकालीन कृति। मरणोपरांत ‘कल सुनना मुझे’ को अकादमी पुरस्कार।

    धूमिल की कविता सत्ता की नैतिकता को ललकारती है। वर्तमान संघर्षों में उनकी प्रासंगिकता बरकरार है।

    Dhoomil poet Hindi Literature Indian poetry Naxalbari movement Sahitya Akademi Award Satyottari poetry Social critique Sudama Pandey
    Share. Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email WhatsApp Copy Link

    Related Posts

    India

    सिद्धारमैया तैयार 17वें रिकॉर्ड बजट के लिए, तारीख का ऐलान आसन्न

    February 9, 2026
    India

    श्रीकांत भारतीय का समर्थन: भागवत ने सावरकर के लिए कही मन की बात

    February 9, 2026
    India

    भागवत के सावरकर भारत रत्न बयान पर कांग्रेस नेता का कड़ा ऐतराज

    February 9, 2026
    India

    बिहार में नितिन नवीन का भव्य स्वागत, बंगाल सरकार बनाने का ऐलान

    February 9, 2026
    India

    नोएडा प्राधिकरण का अतिक्रमण के खिलाफ डेली अभियान, ट्रैफिक में राहत

    February 9, 2026
    India

    एके शर्मा का विपक्ष पर हमला, राज्यपाल अभिभाषण में बाधा असहनीय

    February 9, 2026
    -Advertisement-
    © 2026 Indian Samachar. All Rights Reserved.
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.