मुंबई में सोमवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने थायरॉयड सोसायटी के कार्यक्रम में कहा कि थायरॉयड बीमारियां देश की जनशक्ति और राष्ट्र निर्माण को प्रभावित कर रही हैं। जागरूकता और शोध सहयोग पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।
एंडोक्राइनोलॉजिस्ट्स को संबोधित करते हुए उन्होंने समय पर निदान, जागरूकता अभियान और अनुसंधान साझेदारी पर जोर दिया। आधिकारिक बयान के अनुसार, भारत में 4.2 करोड़ थायरॉयड रोगी हैं, अधिकतर हाइपोथायरॉयडिज्म अनजाने में पीड़ित।
युवा बहुल देश में यह उत्पादकता के लिए खतरा है। 11 प्रतिशत वयस्क प्रभावित हैं, जिनका निदान नहीं हुआ। गर्भिणी महिलाओं में अनियंत्रित स्थिति बच्चों के विकास को नुकसान पहुंचा सकती है।
डॉ. सिंह ने जीवन विज्ञान, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों के बीच समन्वय की वकालत की। बायोफार्मा मिशन, ANRF और एक लाख करोड़ के इनोवेशन फंड से निजी क्षेत्र को जोड़ा जा रहा है।
भारत की जैव प्रौद्योगिकी सफलताएं जैसे स्वदेशी एंटीबायोटिक, जीन थेरेपी और कोविड वैक्सीन प्रेरणा स्रोत हैं। थायरॉयड पर विजय पाकर भारत अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर सकेगा।