केरल की सियासत में हंगामा मच गया है। विपक्षी नेता वीडी सतीशन ने सोमवार को थलास्सेरी में दावा किया कि सीएम पिनाराई विजयन की अगुवाई वाली एलडीएफ सरकार से न केवल आम आदमी, बल्कि ‘अच्छे कम्युनिस्ट’ भी पीछे हट रहे हैं। पुथुयुगा यात्रा के दौरान कवि सच्चिदानंदन के बयानों को जनमानस की नब्ज बताया।
सतीशन ने कहा कि सीपीआई(एम) ने वामपंथ छोड़ दक्षिणपंथी रंग अपना लिया है। भाजपा की तर्ज पर धार्मिक विभाजन की राजनीति चला रही है, जिससे अल्पसंख्यक डरे हुए हैं। चुनावी मौसम में अल्पसंख्यक खुश करने और बाद में बहुसंख्यक साधने की चालबाजी से पार्टी ने दोनों का भरोसा खो दिया।
राज्य भ्रम में डूबा है, पर पुराने साथी जाग चुके हैं। सबरीमाला गोल्ड चोरी मामले में तीन सीपीआई(एम) नेता जेल पहुंचे। विजयन राज में 2019 की इस घटना में दो सरकारी देवास्वोम चेयरमैन भी फंसे। जांच बढ़ी तो और नेता अंदर हो सकते हैं, लेकिन सरकार एसआईटी को रोक रही।
अडूर प्रकाश फोटो कांड पर पूछताछ ठीक, मगर विजयन की भी हो। यात्रा से कृषि मंदी, वन्यजीव खतरा, उद्योग बंदी, मजूरों की परेशानी, प्रोजेक्ट लैंड मुद्दे उजागर।
यूडीएफ समाधानकारी दस्तावेज लाएगा—कोझिकोड स्वास्थ्य प्लान सहित। सतीशन की यह मुखरता वामपंथ के पाये हिला रही है।