ढाका में चुनाव आयोग ने बड़ा फैसला लेते हुए पत्रकारों व पर्यवेक्षकों को पोलिंग स्टेशन के भीतर मोबाइल इस्तेमाल की छूट दी है। आयुक्त सनाउल्लाह ने सोमवार को प्रेस से कहा कि इससे वास्तविक समय की कवरेज मजबूत होगी और चुनावी प्रक्रिया में विश्वास बढ़ेगा।
13वें संसद चुनाव 12 फरवरी 2026 को जुलाई नेशनल चार्टर पर रेफरेंडम के साथ होंगे। पहले 400 गज क्षेत्र में फोनबंदी थी, सिर्फ चुनिंदा लोगों को अनुमति। ढाका, चटगांव, खुलना के आयुक्तों समेत 64 जिलों के डीसी को पत्र भेजे गए थे।
आरएफईडी जैसे संगठनों ने आपत्ति जताई। काजी जेबेल बोले, “मोबाइल पत्रकारिता का अभिन्न अंग है, बैन से पारदर्शिता प्रभावित होती।” आयोग ने दबाव में नीति बदली।
यह कदम प्रेस अधिकारों की जीत है। चुनाव आयोग पारदर्शिता का दावा कर रहा है, लेकिन वास्तविक परीक्षा मतदान दिवस पर होगी। देशभर में उत्साह के साथ तैयारी चल रही है।