आंध्र प्रदेश के गुंटूर में वाईएसआर कांग्रेस के दिग्गज नेता अंबाती रामबाबू एक और कानूनी पेच में फंस गए। विशेष अदालत ने उन्हें पुलिस धमकी और अवैध रैली के मामले में 22 फरवरी तक 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वे सीएम नायडू पर टिप्पणी वाले पुराने केस में भी बंद हैं।
सोमवार को राजमुंद्री जेल से गुंटूर कोर्ट लाए गए रामबाबू की जमानत याचिका खारिज हो गई। नवंबर 2024 का यह विवाद बिना इजाजत रैली, ट्रैफिक बाधा और पुलिस को धमकी से जुड़ा है।
पट्टाभीपुरम पुलिस ने बीएनएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया, जिसमें लोक सेवकों पर हमला, आपराधिक धमकी और गैरकानूनी जमावड़े शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि रैली से आम लोगों को भारी असुविधा हुई। रामबाबू पर पार्टी के पूर्व प्रदर्शनों में भी समान आरोप हैं।
31 जनवरी को नायडू विरोधी बयान पर घर से गिरफ्तार हुए, जहां टीडीपी गुटों ने तोड़फोड़ मचाई। बैनर विवाद और ड्यूटी बाधा पर धारा 126(2), 132 लगे। अपशब्दों के लिए अन्य धाराएं जोड़ी गईं।
पार्टी इसे टीडीपी की बदले की राजनीति करार दे रही है। रामबाबू का लंबा जेल प्रवास विपक्ष की एकजुटता की परीक्षा लेगा। भविष्य की सुनवाइयां राज्य की सियासत को नई दिशा दे सकती हैं।