रिकॉर्ड छठे अंडर-19 विश्व कप खिताब के साथ भारत ने अपनी बादशाहत कायम रखी। 14 साल के वैभव सूर्यवंशी की 175 रनों वाली पारी ने फाइनल में इंग्लैंड को धूल चटा दी। लेकिन बीसीसीआई का 2016 का नियम उनके अगले सफर को रोक देगा।
नियम सरल है- एक खिलाड़ी, एक विश्व कप। बीसीसीआई का लक्ष्य जूनियर स्तर पर अधिकतम प्रतिभाओं को मौका देना है, ताकि सीनियर टीम में गहराई बने।
पहले केवल पांच भारतीय दो टूर्नामेंट खेल सके। जडेजा (2006-08) ने कोहली के साथ ट्रॉफी जीती। संदीप शर्मा (2010-12) ने आईपीएल और टी20आई में जगह बनाई।
जोल (2012-14) ने कप्तानी संभाली, अवेश खान (2014-16) ने 12 विकेट लिए। सरफराज खान (2014-16) ने घरेलू क्रिकेट से टेस्ट तक का सफर तय किया, जबकि भुई असफल रहे।
वैभव का केस नियम की अहमियत दर्शाता है। यह युवा सितारों को प्रोत्साहित करता है और प्रतिस्पर्धा बढ़ाता है। भारतीय क्रिकेट का सुनहरा दौर जारी रहेगा।