सूरत में आयोजित चर्चा के दौरान स्मृति ईरानी ने स्पीकर ओम बिरला की तारीफों के पुल बांधे। पूर्व मंत्री ने स्पष्ट कहा कि लोकसभा में महिलाओं को पूर्ण समानता मिलती है। दस साल के अनुभव से उन्होंने पाया कि स्पीकर सभी महिला सांसदों को बिना भेदभाव के बोलने और राजनीतिक योगदान का अवसर देते हैं।
उन्होंने कहा कि स्पीकर का सहयोग महिलाओं की सक्रियता बढ़ाने में महत्वपूर्ण रहा। व्यक्तिगत कहानियों से उन्होंने जाहिर किया कि कोई भी महिला सांसद उपेक्षित नहीं रही। मोदी सरकार के सशक्तिकरण प्रयासों के अनुरूप यह व्यवस्था है।
सदन की मर्यादा अक्षुण्ण रखना जरूरी है। पीएम के भाषण पर उठे हंगामे को स्पीकर ने निष्पक्षता से नियंत्रित किया। बजट को उन्होंने जन-केंद्रित करार दिया, जो केंद्र ने गहन चिंतन से बनाया। फिर भी विपक्ष विरोध करता है।
सूरत के पेशेवर मंच पर उद्योग प्रतिनिधियों ने बजट की भूरि-भूरि प्रशंसा की और पीएम को सलाम किया। ईरानी बोलीं, जन समर्थन से बड़ी स्वीकृति क्या हो सकती है। विपक्ष की गैर-उत्पादकता उसे विपक्ष ही बनाए रखेगी।